तुम्हारे ऊपर भरोसा करना गलत था जो हकीकत आंखों से देखकर आया हूं हिम्मत नहीं होती तुमसे कोई सवाल कर सकें
वह मीठे अंदाज में मुझे छेड़कर मुस्कुराती है उसकी शरारत भरी बातें सुनकर हैरान रहता हूं आखिर उसके इश्क करने का यह कैसा तरीका है धीरे-धीरे प्यार बढ़ता जा रहा है अपने जुनून की हकीकत को इसलिए छुपाकर रहते हैं मेरे बेतहाशा प्यार को समझ लेने के बाद उसे गुरूर ना हो जाए जो और ज्यादा सताओगे मेरा मन कहता है तन्हाई मुझे मार डालेगी हम तुम्हें अपनी जान समझते हैं