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वह मीठे अंदाज में

वह मीठे अंदाज में मुझे छेड़कर मुस्कुराती है उसकी शरारत भरी बातें सुनकर हैरान रहता हूं आखिर उसके इश्क करने का यह कैसा तरीका है

धीरे-धीरे प्यार बढ़ता जा रहा है अपने जुनून की हकीकत को इसलिए छुपाकर रहते हैं मेरे बेतहाशा प्यार को समझ लेने के बाद उसे गुरूर ना हो जाए

Shayari sangrah Gorakhpur

जो और ज्यादा सताओगे मेरा मन कहता है तन्हाई मुझे मार डालेगी हम तुम्हें अपनी जान समझते हैं

Shayari sangrah Gorakhpur

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