Skip to main content

तुम्हारे ऊपर भरोसा करना गलत था

Shayari sangrah Gorakhpur

तुम्हारे ऊपर भरोसा करना गलत था जो हकीकत आंखों से देखकर आया हूं हिम्मत नहीं होती तुमसे कोई सवाल कर सकें

Comments